It's funny how complex things turn out in the end while a leader's simplification of a problem endears the populace. When George W Bush will leave, he will leave an intractable mess in Iraq, just the opposite of what he promised to clear. And people will be same again ready for a ride by some other demagogue.
Have we forgotten Vietnam? Ah! History repeats because we love simplistic generalizations.
Sunday, July 22, 2007
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बोधिसत्त्व : श्रावस्ती पर एक और कथा
प्राचीन नगर श्रावस्ती वाणिज्य का प्रमुख केंद्र था, हर तरह कि वस्तुओं के बाजार (हिन्दी शब्द क्या है- हाट ?) थे, श्रमणों, व्यापारियों, कलाकार...
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Sun lijiye fursat hai, phir kya ho khuda jaane? kab se haiN mere dil maiN, betaab kuch afsaane! Like everybody else I too always had a re...
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शिशिर कणों से लदी हुई कमली के भीगे हैं सब तार चलता है पश्चिम का मारुत ले कर शीतलता का भार भीग रहा है रजनी का वह सुंदर कोमल कबरी भाल अरुण किर...
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( महाभारत का यह बेहद ही नाटकीय हिस्सा है, मैंने इस एक नया अर्थ देने की कोशिश की है) यक्ष - रुको! मेरे सवालों के जवाब दिए बिना तुम पानी नहीं ...